देहरादून। एसटीएफ का खुलासा ,फर्जी शस्त्र लाइसेंस सिंडिकेट पर कड़ा प्रहार ,ऑपरेशन प्रहार के तहत 13वीं गिरफ्तारी।
आरोपी के कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.30 बोर),चार जिंदा कारतूस (.30 बोर),एक राइफल (.315 बोर)व चार जिंदा कारतूस (.315 बोर) बरामद किये।
राजीव कुमार सक्सेना
देहरादून। एक ही फर्जी लाइसेंस नम्बर पर बने दो कूटरचित लाइसेंस, दो हथियार खरीदने वाले आरोपी को एसटीएफ की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया है।
रविवार को जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देश पर अवैध हथियारों एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के विरुद्ध एसटीएफ द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही हैं । टीम ने काशीपुर में सटीक एवं प्रभावी दबिश देकर फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में एक आरोपी को अवैध हथियार, कारतूस व फर्जी लाइसेंस समेत गिरफ्तार किया हैं, पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम पलविन्दर सिंह पुत्र स्व: धर्मसिंह निवासी ग्राम कचनालगाजी, थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर बताया हैं, टीम ने आरोपी के कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.30 बोर),चार जिंदा कारतूस (.30 बोर),एक राइफल (.315 बोर)व चार जिंदा कारतूस (.315 बोर) बरामद किये है। ऑपरेशन प्रहार के तहत अब तक 13 आरोपियो को गिरफ्तार, कर 19 अवैध शस्त्र, 358 कारतूस एवं बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किये गये हैं। उत्तराखण्ड एसटीएफ द्वारा फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क की जांच में ऐसा बड़ा खुलासा, जिसकी गंभीरता और व्यापकता ने पूरे प्रकरण को राष्ट्रीय स्तर की जांच का विषय बना दिया है। एसटीएफ का कहना हैं की फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारक स्वयं अपने शस्त्र एवं लाइसेंस सहित आत्मसमर्पण करें, अन्यथा कानून का शिकंजा उनके दरवाजे तक पहुंचेगा।एसटीएफ टीम निरीक्षक अरुण कुमार,निरीक्षक एम०पी० सिंह,उपनिरीक्षक प्रकाश भगत,मुख्य आरक्षी मोहित वर्मा,सिपाही रवि बोरा,मुख्य आरक्षी चालक संजय कुमार, मनोज बवाड़ी सुरेन्द्र कनवाल शामिल हैं।
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