नानकमत्ता । महज चार बच्चों के लिये झाड़ियों के बीच चल रहा राजकीय प्राथमिक विधालय विधैया।
चार बच्चों की सख्या पर रखी गयी एक शिक्षिका, एक शिक्षा मित्र ।
राजीव कुमार सक्सेना
नानकमत्ता । सरकार के सर्वशिक्षा अभियान एवं स्वच्छता को जब अपने ही विभाग के लोग पलीता लगाये तो इससे साफ प्रतीत होता हैं की उन्हें ना तो सरकार का कोई भय हैं और ना ही अपने उच्च अधिकारियों का डर।
बता दे की नगर से सटे ग्राम विधैया में राजकीय प्राथमिक विधालय विधैया में सरकार द्वारा कई वर्षो से एक शिक्षिका की तैनाती की गयी हैं, अपने सहयोग के लिया यहां शिक्षिका के द्वारा एक शिक्षा मित्र भी रहा गया हैं, हैरानी की बात तो यह हैं की विधालय में दो लोगों की तैनात के बाद भी विधालय की देख रेख नहीं हो पा रही हैं, दोनों की घोर लापरवाही के चलते पूरा विधालय परिसर बड़ी बडी झाड़ियों में तब्दील हो गया है। जिसमें साप व कीडो के होने से इन्कार नहीं किया जा सकता, यहां तैनात विधालय की प्रभारी शिक्षिका द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार विधालय में केवल चार बच्चों की सख्या ही है।जबकि ग्रामीणों की जानकारी के अनुसार विधालय में एक या दो ही बच्चे पढ़ते हैं। कई वर्षों से विद्यालय में तैनात शिक्षकों द्वारा अपनी घोर लापरवाही के चलते विद्यालय परिसर में खड़ी बड़ी-बड़ी झाइयों की ना तो साफ सफाई कराई गई है ना ही इसकी जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को दी है। यदि इस विद्यालय में वाकई चार बच्चों की संख्या है तो बड़ी-बड़ी झाड़ियां में सांप कीड़ों के होने से मासूमों को खतरा भी हो सकता है। चौंकाने वाला मामला तो यह है कि जनपद उधम सिंह नगर में बैठे शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी भी, कभी इस विद्यालय का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। वहीं विकासखंड सितारगंज के अंतर्गत आने वाले इस विद्यालय की दुर्दशा से यहां तैनात शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी को भी मानो कोई लेना-देना नहीं है जो केवल सरकार के सर्व शिक्षा अभियान को पलीता लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जबकि सरकार यहां तैनात शिक्षिका को हर महान निर्धारित तनख्वाह मुहैया कर रही है।
ग्राम विधैया के इसी विद्यालय में चलता है आंगनबाड़ी केंद्र।
नानकमत्ता । झाड़ियों के बीच चल रहे राजकीय प्राथमिक विधालय विधैया के विधालय परिसर में ही आंगनबाड़ी केंद्र भवन भी बना हुआ है, आंगनबाड़ी भवन के चारों ओर भी बड़ी-बड़ी झाड़ियां खड़ी है इस पर ना तो संबंधित विभाग द्वारा सुध ली जा रही है और ना ही यहां आंगनवाड़ी सहायिका द्वारा इस और ध्यान दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र की जानकारी लेने पर विभाग की सीडीपीओ शोभा जुनौती द्वारा अपनी जानकारी में बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र में दो गर्भवती,एक धात्री ,7 माह से 3 वर्ष के पांच तथा 3 माह से 6 वर्ष के पांच एव किशोरी बालिका एक है। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर तैनात सुपरवाइजर द्वारा अपनी लापरवाही के चलते कोई शुद्ध नहीं ली जा रही है,जिस कारण यहां अव्यवस्था होने के साथ ही केन्द्र के पढ़ने वाले बच्चों को भी झाड़ियों में छिपे साप कीडो से खतरा होने से इन्कार नही किया जा सकता।
लाखों की लागत से बना शुलभ शौचालय में लटका हैं काफी समय से ताला।
नानकमत्ता । राजकीय प्राथमिक विद्यालय के परिसर में वर्ष 2015 में कार्यकारी संस्था विद्यालय प्रबंधन समिति विधैया द्वारा एक लाख छियत्तर हजार की लागत से विधालय के बालक एवं बालिकाओं के लिये बनाया गया शौचालय बन्द पड़ा हैं, विधालय में बच्चों की सख्या ना होने के कारण ना तो इसका उपयोग हो रहा हैं और ना ही इसकी साफ सफाई की जा रही हैं, ग्रामीणों द्वारा बताया जा रहा हैं की यहां विधालय परिसर में आवारा पशु घूमते रहते हैं।


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